अमेरिका ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फ़्रांस के उस प्रस्ताव का वो समर्थन नहीं करेगा, जिसमें इसराइल और फ़लस्तीनियों में युद्धविराम की बात है।
अमेरिका का कहना है कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव से तनाव को कम करने की कोशिश को धक्का लग सकता है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, ”हम इसराइल और फ़लस्तीनियों के संकट को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट हैं। हमारा ध्यान हिंसा ख़त्म करने के लिए जारी राजनयिक कोशिशों पर है। ऐसे में हम सुरक्षा परिषद में किसी भी तरह के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे। अगर ऐसा करते हैं तो हमारी कोशिश पटरी से उतर सकती है।
इससे पता चलता है कि अमेरिका यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल में फ़्रांस के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वीटो के लिए तैयार है।
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल-सीसी की इसराइल-फ़लस्तीनी संकट पर युद्धविराम पर प्रस्ताव को लेकर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय से सहमति बनी थी।
मिस्र के राष्ट्रपति अफ़्रीका पर आयोजित पेरिस शिखर सम्मेलन में शरीक होने फ़्रांस गए हैं। मंगलवार देर रात फ़्रांस और मिस्र के प्रस्ताव को लेकर बयान जारी किया गया था।