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आलमे इस्लाम का बहुत बड़ा नुक़सान। शहीदों को खिराजे अकीदत। सैयद तक़वी

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ईरान के राष्ट्रपति जनाब आयतुल्लाह इबराहीम रईसी और विदेश मामलों के मंत्री जनाब होसैन अमीर अब्दुल्लाहियन, तबरीज़ के इमाम जनाब मुहम्मद अली अल-हाशिम, पूर्वी अजरबैजान के गवर्नर जनाब मलिक रहमती, सुरक्षा प्रमुख, जिस हेलीकॉप्टर में सवार थे उस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने और इस हादसे में इन अज़ीम शख्सियतों का शहीद होना आलमे इस्लाम और आलमे बशरियत के लिए बहुत बड़ा नुक़सान है।

ईरानी राष्ट्रपति आयतुल्लाह इब्राहिम राईसी ने जो छाप पूरी दुनिया पर छोड़ी है वह क़ाबिले सताइश है। इंसानियत के लिए उनकी खिदमत पूरी दुनिया के लिए साफ़ नुमायां है।
63 वर्षीय इब्राहिम रईसी 2021 में ईरान के राष्ट्रपति चुने गए थे। ओहदा संभालने के बाद उन्होंने नैतिकता कानूनों को कड़ा करने का आदेश दिया। उन्होंने विश्व के शक्तिशाली देशों के साथ परमाणु वार्ता के दौरान ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। ईरान की स्टेट न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि रईसी अमेरिका निर्मित बेल 212 हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रहे थे।
इस नाक़ाबिल ए बर्दाश्त हादसे पर तमाम अहले ईरान, आलमे इस्लाम और खास तौर से रहबर ए मोअज़्ज़म आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामनाई साहब की खिदमत में ताज़ियत पेश करता हूं और दुआ करता हूं कि शहीदों के दरजात बुलंद हो ख़ानवादे को सब्रे अज़ीम अता हो।

सैयद एम अली तक़वी
पत्रकार एवं लेखक

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