प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन से धामपुर, बिजनौर में एस0बी0डी0पी0जी0 कॉलेज में ‘‘आजादी के पचहत्तर वर्षीय विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका‘‘ विषय पर आयोजित सेमीनार में ऑनलाइन प्रतिभागिता की। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास तथा निर्माण में महिलाओं के योगदान का दायरा असीमित है। देश के चहुँमुखी विकास में महिलाओं ने अपनी भागीदारी को सशक्त ढंग से पूरा किया है। राज्यपाल जी ने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भागीदारी से लेकर देश के शीर्ष प्रतिनिधित्व तक मंे महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए आज प्रत्येक क्षेत्र में शीर्ष भागीदारी के साथ विश्वस्तरीय पहचान के रूप में उभरी महिलाओं के योगदान की विशेष चर्चा की।
इसी क्रम में उन्होंने कुछ सामाजिक कुरीतियों का जिक्र करते हुए संघर्षों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि बालिका के जन्म से लेकर उसके बुजुर्ग होने तक उसके हर वाजिब हक की पैरवी हमें करनी होगी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में महिलाओं के हित में उठाए गए कदमों से महिलाएं अपनी प्रगति का स्वर्णिम इतिहास रच रही हैं।
समारोह में राज्यपाल जी ने मोटे अनाज की उपयोगिता और देश में जी-20 देशों के प्रतिभागियों की बैठक का विशेष उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि कुपोषण पर जीत के लिए मोटा अनाज बेहद मददगार है। केन्द्र सरकार इसकी खेती को बढ़ावा दे रही है। इनमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पायें जाते हैं। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि देश के प्रधानमंत्री के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है।
उन्होंने कार्यक्रम में आई महिलाओं को प्रदेश में हो रही जी-20 देशों की बैठक के इवेंट में भी प्रतिभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।
सेमीनार में महाविद्यालय के प्रबन्धक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं ऑनलाइन जुड़े थे।
आजादी के पचहत्तर वर्षीय विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका‘‘





