इमामबाड़ा सैय्यद तक़ी साहब में अष्रए मजालिस की छठी मजलिस को विलायत और अज्रादारी के उन्वान पर संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास ने कहा कि जब क्यामत के दिन इन्सानो से सवालो जवाब होगा और हर इन्सान अपने अपने आमाल को पेष कर चुके होंगे और हर इन्सान खुषी खुषी स्वर्ग द्धजन्नत ;की तरफ जा रहा होगा कि एक बार ईष्वरद्ध कुदरत ; की आवाज आएगी उन्हें रोको उनसे सवाल किया जाएगा द्धसुरह 37 आयत 24 ;अब सवाल यह है कि जब मुसलमान सारे आमाल पेष कर चुका होगा तो फिर किस चीज के बारे सवाल किया जाएगा तो यह वही सवाल है जिसके बारे मे मुहम्मद साहब से कहा गया था कि ऐ रसूल उस चीज को पहुँचा दो जिस चीज का हुक्म दिया जा चुका है और मुहम्मद साहब ने सवा लाख की भीड में अली की विलायत को पहुँचा कर बताया कि यही वह सवाल है जिसके पूछने के लिए कयामत के दिन रोका जाएगा!
अन्त में मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास ने जनाबे इमाम हुसैन अ۔स۔ के पुत्र द्धबेटे; जनाबे अली अक्बर अ۔स۔ के मसायब पढे जिसे सुनकर अज़ादारों की आंखों में आंसू आ गये और गिरया व मातम किया। और ताबूते अली अकबर की जियारत कराई गई।
