पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में शराब की दुकानों को लेकर एक कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में नई शराब की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस नियम के तहत पहले से मौजूद दुकानों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी ताकि वे भी इस नई नीति के अनुरूप हों।
सरकार का कहना है कि यह कदम युवाओं और छात्रों के स्वास्थ्य, शैक्षणिक वातावरण और सामाजिक जीवन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। इससे शराब की आसान उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को रोकने और शैक्षणिक और धार्मिक परिसरों के आस‑पास “सुरक्षित क्षेत्र” बनाने का उद्देश्य है।
इस निर्णय के साथ‑साथ मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए नियमित वित्तीय सहायता और सस्ते में मछली‑चावल जैसी योजनाओं की भी घोषणा कर रहे हैं, जिन्हें सामाजिक कल्याण और जीवन‑स्तर में सुधार की दिशा में उठाए गए कदम बताया जा रहा है। राज्य के जनप्रतिनिधि और विपक्षी दलों ने इस निर्णय पर अपनी‑अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिनमें समर्थन के साथ‑साथ कुछ चिंताएं भी रखी जा रही हैं।





