रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक आजम खान के लिए आज का दिन बेहद सुकून भरा रहा।
23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहाई के बाद उनके मनोबल और स्वास्थ्य को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही थीं।
कुछ लोग कह रहे थे कि आजम खान, सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नाराज हैं और वह किसी दूसरी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
लेकिन, इन सभी अटकलों पर उस वक्त विराम लग गया,
जब अखिलेश यादव अपने पिता तुल्य आजम खान से मिलने उनके पैतृक घर रामपुर पहुंचे।
रामपुर की तंग गलियों में आजम खान ने एक पिता की तरह अखिलेश का स्वागत किया।
गर्मजोशी से हाथ मिलाकर उन्हें अपने घर के अंदर ले गए।
सोशल मीडिया और पार्टी की वेबसाइट पर जारी तस्वीरों में अखिलेश, आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा के साथ बैठे नजर आए।
परिवार के अन्य लोग चारों ओर से घेरे में थे, और माहौल में हंसी-खुशी की गर्माहट साफ झलक रही थी।
पांच साल की जेल की कठिन अवधि ने आजम खान रूठे नहीं,
बल्कि अंदर से टूट रहे थे। लेकिन अखिलेश यादव का उनके घर पहुंचना, हाल-चाल पूछना और गले लगना उनके लिए नई ताकत का संचार करने वाला साबित हुआ। यह मुलाकात पिता और बेटे के बीच के अटूट रिश्ते की मिसाल थी। इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया कि आजम खान समाजवादी पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण में अडिग हैं।पार्टी सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के इस आत्मीय दौरे ने आजम खान में पुरानी जोश और ताकत को फिर से जगा दिया है। समाजवादी पार्टी के समर्थकों में भी इस मुलाकात से उत्साह का माहौल है। सभी को उम्मीद है कि आजम खान जल्द ही पूरी ताकत के साथ राजनीति के मैदान में उतरेंगे और समाजवादी आंदोलन को और मजबूती देंगे।यह मुलाकात न सिर्फ एक राजनेता और उनके नेता के बीच की थी, बल्कि यह एक परिवार के दो सदस्यों के बीच की गहरी आत्मीयता का प्रतीक थी। आजम खान और अखिलेश यादव का यह रिश्ता समाजवादी पार्टी के लिए एक नई ऊर्जा का स्रोत बनकर उभरा है।




