संवाददाता।लखनऊ।परिवार के किसी बुर्जग को अगर अपने बेटों बहू से अपने साथ हमदर्दी और ज़िम्मेदारी निभाने की उम्मीद हो तो क्या यह गलत है? जब उस बुजर्ग के अपने ही उसके साथ इस ढलती हुई उम्र में उसका साथ न देकर उसके साथ सौतेला व्यवहार करें उसको प्रताड़ित करें तो उसकी बची हुई ज़िंदगी भी बोझिल हो जाती है। ऐसा ही एक मामला सआदतगंज अंतर्गत हातानूर बेग के रहने वाले सब्ज़ी विक्रेता (72 )वर्षिय मंज़ूर अहमद का सामने आया है।जहां कल युगी बेटे शकील अहमद ने अपनी पत्नी शन्नो उर्फ़ आ8सिया के साथ मिलकर अपने बुर्जग पिता को बेरहमी से मारापीटा ।और उसकी पत्नी शन्नो उर्फ़ आसिया ने भी मकान की लालच में अपने बुज़र्ग बाप समान ससुर को मारापीटा। जिससे मंज़ूर अहम को काफ़ी चोटें आईं,आसिया नेअपने ससुर मंज़ूर अहमद के दाहिने हाथ पर दांत से काट लिया जिससे मंज़ूर के हाथ में घाव हो गया। इस सम्बंध में(72)वर्षीय मंज़ूर ने संवाददाता को बताया कि उन्होंने अपने लड़के शकील अहमद और बहू शन्नो उर्फ़ आसिया के विरुद्ध न्यायलय में एक मुकदमा दायर कर रखा है ।उसी का सम्मन इन लोगों को 31 मार्च को आया था।इसी वजह से बहु शन्नो और बेटे शकील अहमद ने इनके साथ मारपीट की गंदी गन्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
मंज़ूर अहमद के मुताबिक शकील और शन्नो उन्हें बराबर मकान अपने नाम लिखवाने के लिए उन पर दबाव बनाए रहते हैं, ऒर प्रताड़ित करते रहते हैं।
मंज़ूर ने बताया कि अपने साथ मारपीट करने की सूचना जब वह सआदतगंज पुलिस को देने गये तो वहां भी पुलिस ने उनकी आप बीती नहीं सुनी।थाने से पुलिस ने उन्को गालियाँ दे कर भगा दिया।वहाँ से निराश हो कर वह ए सी पी बाज़ार खाला के पास 1 अप्रैल को गए वहां पर उनसे कार्यालय में प्रार्थना पत्र ले लिया गया ।
फिर भी उनके बहू व बेटे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई ।पुलिस के इस सौतेले रवैय्ये से मंजूर अहम परेशान हो कर नयाय अपने साथ न्याय न होता देख कर बीते 6 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर को अपनी शिकायत स्पीड पोस्ट द्वारा भेजी।जिसमें उन्होंने पुलिस कमिश्नर को बहु और बेटे द्वारा प्रताड़ित करने का ज़िक्र करते हुए थाना सआदत गंज पुलिस की शिकायत की है। कि उल्टे पुलिस उनको घर पर आकर परेशान कर रही है। इसके बाद भी पुलिस कमिश्नर के वहां से भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।