उत्तर प्रदेश सरकार ने मकान मालिक और किराएदार के बीच मकान खाली करने किराया बढ़ाने के विवाद को विराम दे दिया ।उत्तर प्रदेश नागरिक परिसरों की किराएदारी विनियमन अध्यादेश 2021 तैयार किया गया इस अध्यादेश को लागू करने संबंधित प्रस्ताव को कल कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई ।इससे पूर्व हाई कोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को 11 जनवरी से पहले इस अध्यादेश लागू करने का निर्देश दिया था ।प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने बताया कि राज्यपाल की मंजूरी के साथ अध्यादेश लागू हो गया 48 वर्ष पुराने उत्तर प्रदेश शहरी भवन किराये पर उत्तर प्रदेश शहरों भवन अधिनियम 1972 के स्थान पर लागू किए गए । अब लिखित करार के बिना अब भवन को किराए पर नहीं दिया जा सकेगा। भवन स्वामी और किराएदार को अपने बारे में पूर्ण जानकारी देने के साथ ही भवन की स्थिति का ब्योरा तैयार कर लिखित देना होगा , 11 महीने की किराएदार होने पर जानकारी नहीं देनी होगी।