विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि UNSC को अधिक प्रतिनिधिक और लोकतांत्रिक बनाने की आवश्यकता है ताकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके।
*UNSC में सुधार की आवश्यकता क्यों है?*
– *अप्रतिनिधिक संरचना*: UNSC की वर्तमान संरचना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाई गई थी और इसमें वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं किया गया है। कई विकासशील देश और उभरती अर्थव्यवस्थाएं UNSC में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रही हैं।
– *वीटो पावर का दुरुपयोग*: वीटो पावर का उपयोग अक्सर स्वार्थी हितों की रक्षा के लिए किया जाता है, जो वैश्विक हितों को खतरे में डाल सकता है।
– *निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार*: UNSC की निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने की आवश्यकता है ¹ ²।
*भारत की भूमिका*
– *स्थायी सदस्यता की मांग*: भारत ने लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग की है। भारत की बढ़ती आर्थिक और सैन्य शक्ति इसे UNSC में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
– *सुधार की वकालत*: भारत ने UNSC में सुधार की वकालत की है, जिसमें अधिक प्रतिनिधित्व और वीटो पावर के दुरुपयोग को रोकने के उपाय शामिल हैं ¹।




