समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की स्थापना की थी और अब यही एजेंसी कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ED जैसी एजेंसी को समाप्त कर देना चाहिए,
क्योंकि आर्थिक अपराधों की जांच के लिए पहले से ही कई एजेंसियां मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ED की क्या जरूरत है?
*बयान का संदर्भ*
अखिलेश यादव का यह बयान नेशनल हेराल्ड मामले में ED द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आया है। ED ने आरोप लगाया है कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों का धोखाधड़ी से अधिग्रहण किया।
*अखिलेश यादव के बयान का महत्व*
अखिलेश यादव का बयान इस मामले में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि विपक्षी दल ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। उनका बयान यह भी दर्शाता है कि वे ED जैसी एजेंसियों के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं और उनकी उपयोगिता पर संदेह कर रहे हैं ¹।





