अनिरुद्धाचार्य महाराज के लिव-इन रिलेशनशिप पर दिए गए बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को “कुत्तों का कल्चर” बताया और कहा कि यह सनातन धर्म के खिलाफ है। उनके इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है, जबकि कुछ लोग उनके समर्थन में भी उतर आए हैं।
*विवाद की मुख्य बातें:*
– *लिव-इन रिलेशनशिप पर बयान:* अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप कुत्तों का स्वाभाविक व्यवहार है, जो हजारों सालों से चला आ रहा है।
– *आलोचना:* कई लोगों ने उनके बयान को अपमानजनक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया है। समाजशास्त्रियों का कहना है कि एक कथावाचक को ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए।
– *समर्थन:* कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदू धर्म के संस्कारों के हिसाब से लिव-इन रिलेशनशिप गलत है, और अनिरुद्धाचार्य समाज को सही दिशा दिखा रहे हैं।
*पिछले विवाद:*
– *लड़कियों की शादी की उम्र:* अनिरुद्धाचार्य ने पहले लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 14 साल की उम्र में शादी हो जानी चाहिए।
– *महिला संगठनों का विरोध:* महिला संगठनों ने उनके बयान पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।
*कानूनी और सामाजिक पहलू:*
– *लिव-इन रिलेशनशिप की मान्यता:* भारत में सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दी है, और इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा माना जाता है।
– *सामाजिक ताने-बाने पर प्रभाव:* समाजशास्त्रियों का कहना है कि अनिरुद्धाचार्य जैसे बयान सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकते हैं ¹ ²।




