लखनऊ बुद्धेश्वर का 12 वर्षीय छात्र प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए लगभग 400 किलोमीटर साइकिल चलाकर वृंदावन पहुंच गया। छात्र ने अपनी मां की डांट के बाद घर से निकलने का फैसला किया, क्योंकि उसकी मां ने उसे पढ़ाई में ध्यान न देने के लिए डांटा था और कहा था कि जब पिता आएंगे तब रुपये मिलेंगे।
छात्र ने अपनी रेंजर साइकिल उठाई और वृंदावन की ओर निकल गया। उसने 70 किलोमीटर आगरा एक्सप्रेसवे पर साइकिल चलाई, जबकि यूपीडा के एक्सप्रेसवे पर साइकिल यात्रा प्रतिबंधित है। इसके बाद वह बांगरमऊ कट से एक ट्रक में बैठ गया और आगरा उतरकर साइकिल से यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए वृंदावन पहुंच गया।
*छात्र की यात्रा के मुख्य बिंदु:*
– *दूरी*: लगभग 400 किलोमीटर
– *साइकिल चलाने का समय*: 20 अगस्त को घर से निकला
– *वृंदावन पहुंचने का समय*: 21 अगस्त को दिन में करीब 11 बजे
– *प्रेमानंद महाराज से मुलाकात*: नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस ने छात्र को वृंदावन के एक आश्रम से बरामद कर लिया और परिजनों को सौंप दिया
छात्र ने पुलिस को बताया कि वह प्रेमानंद महाराज से मिलना चाहता था और वह उन्हें बहुत पसंद करता है। वह राधा-राधा नाम का जाप करते हुए वृंदावन पहुंच गया। पुलिस ने छात्र को उसके परिजनों के हवाले कर दिया और काउंसलिंग की सलाह दी ¹ ² ³।





