यह युद्ध क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा रहा है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। अमेरिकी हमले में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – फोर्डो, नतांज और इस्फहान को निशाना बनाया गया, जिसमें B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया गया। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल पर 40 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें तेल अवीव और हाइफा के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
*मुख्य घटनाएं:*
– *अमेरिकी हमला:* ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने 12 बंकर बस्टर बम गिराए, जबकि अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों ने नतांज और इस्फहान पर 30 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं।
– *ईरानी जवाबी कार्रवाई:* इजरायल पर 40 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिसमें तेल अवीव और हाइफा के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस हमले में 25 लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं।
– *अमेरिकी चेतावनी:* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि शांति स्थापित नहीं हुई तो और बड़े हमले हो सकते हैं।
– *ईरानी चेतावनी:* ईरान ने भी अमेरिका को चेताया है कि क्षेत्र में उसके सैन्य ठिकानों पर हमले आसान हैं।
*क्षेत्रीय प्रभाव:*
– *क्षेत्रीय अस्थिरता:* यह युद्ध क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा रहा है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ सकता है।
– *आर्थिक प्रभाव:* होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देकर ईरान एक आर्थिक हथियार चला सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ेगा और बाजारों में हड़कंप मच सकता है ¹।





