कायम रिजवी
“लखनऊ से शांति का पैगाम: टीले वाली मस्जिद के इमाम ने आतंकवाद के खिलाफ उठाई आवाज, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध”
लखनऊ: नवाबों की नगरी लखनऊ से एक बार फिर शांति और इंसानियत का संदेश पूरी दुनिया में गूंजा है। शाही टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना फ़ज़लुर रहमान मन्नान के आह्वान पर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के सभी फिरकों ने एकजुट होकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिसके विरोध में समुदाय के लोगों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर आतंकवाद के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
मौलाना फ़ज़लुर रहमान ने इस मौके पर कहा, “इस्लाम को बदनाम करने के लिए ऐसी जघन्य घटनाएं कराई जा रही हैं, लेकिन दुनिया जानती है कि इस्लाम शांति, इंसानियत और मानवता का पैगाम देता है। हमारा मजहब किसी निहत्थे की जान लेने की इजाजत नहीं देता। इस्लाम बीमार, मोहताज, मुसाफिर, वृद्ध, औरतों और बच्चों—चाहे वे किसी भी धर्म के हों—की सुरक्षा का आदेश देता है।”
उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और ऐसी कायराना हरकतें मानवता के खिलाफ हैं। मौलाना ने समुदाय से अपील की कि वे शांति और भाईचारे को बढ़ावा दें ताकि समाज में एकता और प्रेम का माहौल बना रहे। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने न केवल आतंकवाद की निंदा की, बल्कि पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए दुआएं भी मांगीं।
यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन न केवल आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब आज भी इंसानियत और एकता की मिसाल है। मौलाना फ़ज़लुर रहमान का यह कदम समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा है कि हमें मिलकर नफरत और हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, ताकि दुनिया में शांति और मानवता का प्रकाश फैले।


