जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले के बाद केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और चर्चा निम्नलिखित हैं:
– *हमले की निंदा और एकजुटता*: सभी दलों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। सभी नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने पर सहमति जताई।
– *सरकार को पूर्ण समर्थन*: राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सरकार द्वारा उठाए जाने वाले किसी भी कदम का पूर्ण समर्थन करेगा। मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कश्मीर में शांति बहाली के लिए सरकार के प्रयासों का समर्थन किया।
– *जांच और कार्रवाई की जानकारी*: सरकार ने नेताओं को हमले की अब तक की जांच, सुरक्षा बलों की कार्रवाई, और भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– *पाकिस्तान के खिलाफ कदम*: सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े फैसले लिए, जिनमें शामिल हैं ¹:
– *सिंधु जल समझौता स्थगित करना*
– *अटारी बॉर्डर बंद करना*
– *पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश*
– *पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर रोक*
– *पाकिस्तानी उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 करना*
– *आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस*: राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है और हमले का उचित समय पर जवाब दिया जाएगा।
– *कश्मीर में शांति की मांग*: मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी दल जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द शांति बहाली चाहते हैं।
बैठक में कुछ दलों की अनुपस्थिति दर्ज की गई, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने असदुद्दीन ओवैसी को फोन कर आमंत्रित किया। अखिलेश यादव की ओर से समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व राम गोपाल यादव ने किया। सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता का संदेश देना और आतंकवाद के खिलाफ सभी दलों को एकजुट करना था।




