जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकवादी हमले, जिसमें 27 लोगों की जान गई और 20 से अधिक घायल हुए, के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तुरंत श्रीनगर पहुंचे। उन्होंने सभी कार्य छोड़कर घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम में शाह ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहलगाम के आतंकी हमले में अपनों को खोने का दर्द हर भारतीय को है। इस दुःख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मैं अपने इन सभी परिवारों और पूरे देश को विश्वास दिलाता हूँ कि बेगुनाह मासूम लोगों को मारने वाले इन आतंकियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।”
शाह ने श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें हमले के जवाबी उपायों और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है, और सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। विश्व नेताओं, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं, ने भारत के साथ एकजुटता जताई।
पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़े आतंकी हमले के रूप में देश को झकझोर दिया है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है, और पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है।
पहलगाम आतंकी हमले पर गृहमंत्री अमित शाह का सख्त रुख:आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा



