हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में आज, 19 अप्रैल 2025 से तब्लीगी जमात का तीन दिवसीय जलसा शुरू हो रहा है, जो 21 अप्रैल तक चलेगा। इस जलसे की तैयारियां पिछले चार महीनों से चल रही हैं, और इसमें देश-विदेश से लगभग 10 से 15 लाख मुस्लिमों के शामिल होने की उम्मीद है। यह पहली बार है कि नूंह में इस तरह का जलसा आयोजित हो रहा है, जिसे तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद संबोधित करेंगे।
तैयारी और व्यवस्था:
जलसे के लिए 121 एकड़ जमीन पर व्यवस्था की गई है, जिसमें 21 एकड़ में पंडाल और 100 एकड़ में बैठने, पार्किंग, शौचालय, और पानी की व्यवस्था शामिल है।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष मैप तैयार किया गया है, जिसमें राजस्थान और दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग क्षेत्र बनाए गए हैं।
पुलिस यातायात और सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी, जबकि आंतरिक व्यवस्थाएं जमात के वॉलंटियर्स संभालेंगे।
जलसा कमेटी ने बीफ बिरयानी पर रोक लगाई है, केवल चिकन या वेज बिरयानी की अनुमति दी गई है।
उद्देश्य:
जलसे का मुख्य उद्देश्य इस्लाम के मूल सिद्धांतों, जैसे नमाज, रोजा, और नबी के तरीकों पर चलने की शिक्षा देना है, ताकि दुनिया और आखिरत में अमन और अल्लाह के हुक्म को जीवन में लागू किया जा सके।
स्थान और महत्व:
नूंह का फिरोजपुर झिरका मेवात क्षेत्र का हिस्सा है, जहां तब्लीगी जमात की शुरुआत 1927 में मौलाना इलियास कांधलवी ने की थी।
यह जलसा मेवात क्षेत्र (हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, और दिल्ली के कुछ हिस्सों) में हर साल आयोजित होता है, लेकिन इस बार नूंह में पहली बार हो रहा है
हरियाणा में तब्लीगी जमात का 3 दिवसीय जलसा आज से प्रारंभ, मौलाना साद संबोधित करेंगे।





