लोकसभा में बजट सत्र के दौरान, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है, जो कि 240 सांसदों के समर्थन वाले विपक्ष के नेता हैं ¹।
राहुल गांधी ने कहा, “अगर मुझे बोलने नहीं दिया जाता है, तो संसद क्यों चलानी है? इसे बंद कर दो।” उन्होंने यह भी कहा कि संसद में अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया जा रहा है, और जब भी वह खड़े होते हैं, उन्हें बोलने से रोक दिया जाता है ¹।
यह बयान कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। राहुल गांधी के इस बयान से संसद में विपक्ष की भूमिका और सरकार के साथ उनके संबंधों पर चर्चा शुरू हो सकती है ¹।





