दिल्ली की विधानसभा चुनाव को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने जाट कार्ड खेलने की कोशिश की है। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जाट समुदाय को लुभाने के लिए कई कदम उठाए हैं ¹।
केजरीवाल ने जाट समुदाय के नेताओं से मुलाकात की है और उनकी समस्याओं को सुनने का प्रयास किया है। इसके अलावा, आप पार्टी ने जाट समुदाय के लिए कई वादे भी किए हैं, जैसे कि जाट समुदाय के लिए आरक्षण और जाट समुदाय के विकास के लिए विशेष योजनाएं ¹।
हालांकि, विपक्षी दलों ने केजरीवाल के इस कदम को चुनावी स्टंट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि केजरीवाल जाट समुदाय को लुभाने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी की नीतियां जाट समुदाय के हित में नहीं हैं ¹।





