उर्दू दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है, इस मौके पर उर्दू से प्रेम करने वालों को बहुत-बहुत बधाई
जैसा कि सब जानते हैं कि उर्दू भाषा का जन्म भारत में हुआ,
यह भाषा लश्करी जबान कहलाती थी, ये भाषा हमें अदब, मोहब्बत,संस्कार सिखाती है, जैसा कि सब जानते हैं कि कोई भी भाषा का धर्म से कोई लेना-देना नहीं होता है, लेकिन हां ये कहते हुए हमको संकोच नहीं हो रहा है कि बंटवारे के बाद से इस भाषा को हम कम बोलते हैं,
इसकी वजह ये भी है कि हम इंटरनेशनल भाषा को ज्यादा महत्व देते हैं ताकि हम किसी भी देश में संवाद कर सके, लेकिन देखा जाए साउथ, पश्चिम बंगाल और पंजाब के लोग जब आपस में मिलते हैं तो अपने प्रदेश की भाषा बोलने में संकोच नहीं करते,
जबकि हम इस भाषा को बोलने में संकोच करते हैं और इंटरनेशनल भाषा को बोलने में कोई संकोच नहीं करते हैं इसी वजह से ये भाषा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है,
आज उर्दू भाषा मुख्य रूप से पाकिस्तान और भारत के कुछ राज्यों में मिली जुली बोली जाती है, और यह पाकिस्तान की आधिकारिक राज्य भाषा है ¹। भारत में, उर्दू को संविधान द्वारा आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त है और यह देश की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है ¹। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी महत्वपूर्ण उर्दू समुदाय मौजूद हैं ¹।
उर्दू भाषा की विशेषता इसकी शब्दावली और व्याकरण में है, जो इसे अन्य भाषाओं से अलग बनाती है ¹। उर्दू में फ़ारसी, अरबी, और तुर्की भाषाओं के शब्दों का उपयोग होता है, और इसका व्याकरण हिन्दी और अन्य हिन्द-आर्य भाषाओं से मिलता-जुलता है ¹।
उर्दू भाषा का महत्व न केवल इसकी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत में है, बल्कि इसका उपयोग व्यापार, शिक्षा, और सरकारी कार्यों में भी किया जाता है ¹।


