हज के दौरान मारे गए तमाम दुनिया के लोगों की अल्लाह मग़फिरत फरमाए और इस घटना की कोई सोची समझी साजिश है तो अल्लाह इसको जल्द से जल्द उजागर करें,
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सऊदी अरब में 1.83 मिलियन लगभग (18 लाख 30 हजार) हाजी पहुंचे, जिनको रहने,खाने पीने,आपातकालीन हेल्थ सुविधा,तेज गर्मी को देखते रेन बसेरा,शुद्ध जल व खाद्य सामग्री की सही व्यवस्था न होने के कारण,
कुछ देशों के लगभग 645 नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा,
याद रहे की सऊदी हुकूमत हाजियों के प्रति इतनी लापरवाह रहती है कि 2015 में 24 हाजी कुचल के मर गए,
हर वर्ष हाजी कुछ न कुछ कारण के तहत मारे जाते हैं,
जिसको देखकर लगता है जिस देश में इतना विकास हो रहा है,
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समुद्र के अंदर ट्रांसपेरेंट होटल बनाए जा रहे हैं,
वहीं दूसरी तरफ इस वर्ष भी पुनः हाजियों के साथ दर्दनाक घटना कैसे हुई,
क्या यह कोई साजिश है,
सभी देशों को खासकर उन देशों को जिन देशों के नागरिक सऊदी हुकूमत की लापरवाही या साजिश के तहत मर गए,को अंतरराष्ट्रीय अदालत में जांच एवं सख्त कार्रवाई के लिए और अंतरराष्ट्रीय माननीय अधिकार आयोग को भी सूचित करना चाहिए,
ताकि हमेशा की तरह ऐसी दर्दनाक घटना को रोका जाए, अंतरराष्ट्रीय अदालत एवं मानव अधिकार आयोग द्वारा जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए ,
उन देशों को हज का पूर्ण संचालन दिया जाए ,
जिन देशों में जैसे इराक जहां कर्बला में शहीदों का 40 वां (अर्बइन) मे अपनी उपस्थिति दर्ज करने व इमाम के रौज़े के दर्शन करने पूरी दुनिया के 34 मिलियन लगभग (3 करोड़ 40 लाख) से ज़्यादा लोग पहुंचते हैं, वहां के नागरिक ऐसी सेवा भाव से खिदमत करते उसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है, अल्लाह की मेहरबानी से कोई अप्रिय घटना नहीं होती,
प्रयागराज में कुंभ मे करीबन 4 करोड़ लोग पहुंचते हैं सरकार की हर तरीके की आधुनिक व्यवस्था करने पर ईश्वर की कृपा से कभी इस तरीके की घटना नहीं हुई.
इस संबंध में अगर अंतरराष्ट्रीय अदालत एवं अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में अगर अगले वर्ष हज तक इस संबंध में कोई निर्णय न हो तो,
OIC जो पूरी दुनिया में मुसलमान पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ बोलता है
मगर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करती है,
हाजियों की मौत को गंभीरता से लेते हुए,
उसको रोकने के लिए जल्दी कोई कदम उठाना चाहिए,
मेरे भाइयों अल्लाह हाफिज
शाबू ज़ैदी
फ्रीलांसर
. 7617032786





