29/5/2020
हकीम ए उम्मत मौलाना कल्बे सादिक़ साहब ने ईद के पैग़ाम में मोहर्रम के उनवान से जो बात कही है वो अज़ा से उनके दिली जज़्बात के जुड़े होने की अक्कासी करती है वरना कोरोना के सिलसिले में हमेशा उन्होंने सरकार और मेडिकल एक्सपर्ट्स की हिदायतों पर अमल करने पर ज़ोर दिया है । CAA के खिलाफ घन्टाघर लखनऊ और शाहीन बाग़ में जो दो माह से भी ज़्यादा अरसे से प्रोटेस्ट चल रहा था जो कोरोना की वबा और महामारी फैली तो खुद उन्होंने उस प्रोटेस्ट को कोरोना की वबा ख़त्म होने और हालात नार्मल होने तक पोस्टपोन करने की अपील की जिसका ख़ातिर ख़्वाह नतीजा भी निकला और प्रोटेस्ट करने वाली ख़वातीन में उनकी अपील का मुसबत असर पड़ा । मोहर्रम में इंशाअल्लाह उनका ये यक़ीन और अक़ीदा की कोरो ना नहीं रहेगा बल्कि कोरो हां बन जायेगा और इंशालाह ये मूज़ी मर्ज़ और वबा खत्म हो जाएगी बा तुफैल ए मोहम्मद व आले मोहम्मद स अ व । अगर कोई कमी बेशी रह गयी तो उस वक़्त के हालात को देखते हुए जो मुल्क , क़ौम और अवाम की सेहत के हक़ में होगा वो फ़ैसला लिया जाएगा । अभी काफ़ी वक़्त है इंशा अल्लाह उस वक़्त तक ये वबा ख़त्म हो जाएगी और वो नौबत नहीं आएगी जो शबों के दौरान पेश आई । दुआ है कि अल्लाह हमारे मुल्क और पूरी दुनिया से इस वबा को दूर करे और हम उसी जज़्बे से अज़ादारी इस साल भी करें जैसे करते आये हैं आमीन* *