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प्रश्न- क्या फ़ितरा की अदायगी में देरी करना कि इसे कुछ दिनों के बाद निकालेगे जायज़ है ?

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शिया हेल्प लाइन 21 रमज़ान 01 अप्रैल 2024

कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैयद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए शिया हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं केप्रष्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
षिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12 बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।

प्रश्न- यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति दिन में किसी होटल में लोगों के सामने खाना बेचता है तो इस संबंध में इस्लाम का क्या हुक्म है?
उत्तर- इस्लाम में इस कार्य को जायज़ बताया गया है, लेकिन मुसलमान के लिए यह ज़रूरी है कि रमज़ान का सम्मान करे।
प्रश्न- कसीर उस-सफ़र का पैमाना फ़िक़्हे जाफ़री के अनुसार क्या होगा?
उत्तर- यदि कोई व्यक्ति एक महीने में 10 दिनों से अधिक वतन से बाहर रहता है, तो उसे कसीर उस-सफ़र के रूप में गिना जाएगा, और नमाज और रोजा कसर नहीं होंगे।
प्रश्न- क्या फ़ितरा की अदायगी में देरी करना कि इसे कुछ दिनों के बाद निकालेगे जायज़ है ?
जवाब- फितरा अदा करने में देरी करना जायज़ नहीं है।
सवाल- अगर कोई रोजेदार तकय्या की वजह से जल्दी रोजा अफतार करले तो क्या उसका रोजा सही होगा?
उत्तर- रोजे की कज़ा करना जरूरी है.
प्रश्न- शबहाय कदर किन रातों कहा जाता हैं?
जवाब- शबे-क़द्र, जो हज़ार महीनों से बेहतर है। 19/21/23 की रातों में से किसी एक को कहा जाता है, इसलिए हमें तीनों रातों मे एबादत करने का आदेश दिया गया है ताकि हमें असल शबे कद्र मिल सके। तकदीर मे हज का फैसला शबे कदर मे होता है।

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