शांति के पग पर चलने के लिए दुनिया को इमाम हुसैन के मार्ग पर ही चलना होगा जिन्होंने इंसानियत के लिए अपने पूरे परिवार की क़ुर्बानी दे दी।
आज पूरे विश्व में इमाम हुसैन के मार्ग पर चल कर शिया समुदाय ने अतंकवाद के सामने अपनी क़ुर्बानिया पेश की और अपनी शहादतों की ताक़त से अतंकवाद को परास्त किया अहिंसा का मार्ग कभी त्यागा नहीं और बेक़सूरो पर कभी ज़ुल्म नहीं किया ।
सब्र और शुक्र के इस जज़्बे को आज दुनिया भर में सराहा जा रहा है यज़ीदी फ़िक्र के लोगों ने हमारी मजलिसों के लिए जो भ्रम पैदा किए थे उनको तोड़ कर आज हर संप्रदाय के लोग हमारी महलिसो में शिर्कत कर हज़रत इमाम हुसैन अस० की अज़ीम क़ुर्बानी को याद कर रहे हैं।
लद्दाख में कल एक मजलिस में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के अतिरिक्त अनन्य बौद्ध भिक्षुओं ने भी मजलिस में शिरकत की और विश्व शांति के लिए हाथ उठा कर दुआ माँगी।
दलाई लामा पहुंचे लद्दाख मजलिस में





