लखनऊ।बसिलसिला ए शहादत हजरत इमामे अली रज़ा अलैहिस्सलाम।साले हाय गुज़िशता की तरह, इस साल भी शहर की मशहूर हो मारूफ अंजुमन दस्त ए हुसैनी, के जेरे एहतिमाम और कमेटी इमामे रजा(अ.स) के जेरे इनतिजाम, शबे शहादत मस्जिद लाल कोठी में एक मजलिस का एहतिमाम किया गया।मजलिस का आगाज़ तिलावते कलाम ए पाक से हुआ।उसके फौरन बाद मौलाना सैय्यद गुलाम हुसैन सदफ जौनपुरी ने मजलिस को खिताब किया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने इमाम की फजीलत और अजमत बयान करते हुए। इमाम के मसायब बयान किए, जिसको सुन कर अकीदत मंद बेकरार हो गए।बाद मजलिस मस्जिद से शबीहे ताबूत इमामे रज़ा(अ.स)बरामद हो कर रौज़ा ए काजमैन ले जाया गया। जुलूस में अंजुमन नौहा ख्वानी वा सीना जनी करती हुई चल रही थी।
इमाम की शहादत पर हुई मजलिस ताबूत हुआ बरामद* संवाददाता।





