03 फरवरी 2023 लखनऊ।
आज कलेक्ट्रेट सभागार में ज़िलाधिकारी श्री सूर्य पाल गंगवार द्वारा राजस्व कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में ज़िलाधिकारी द्वारा निम्नवत दिशा निर्देश दिए गए :-
1) बैठक की शुरुआत ज़िलाधिकारी द्वारा IGRS व मुख्यमंत्री संदर्भ के तहत ऑनलाइन प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा से की गई। ज़िलाधिकारी द्वारा बताया कि IGRS के प्रकरणों को लीडरशिप लेते हुए प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना सुनिश्चित कराया जाए। सभी अधिकारी IGRS पर प्राप्त होने वाले सभी प्रकरणों को प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारण करना सुनिश्चित कराए। IGRS के प्रकरणों के सम्बंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नही किया जाएगा। IGRS के प्रकरणों में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो कार्यवाही निश्चित है।
2) उक्त के बाद ज़िलाधिकारी द्वारा विविध देयो से सम्बंधित बिंदु की समीक्षा की गई। समीक्षा में संज्ञान में आया कि विभिन्न देय मद में पिछले माह की अपेक्षा वसूली में वृद्धि हुई है। जिसके सम्बन्ध में ज़िलाधिकारी द्वारा वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि हर सप्ताह प्रातः कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा समस्त तहसीलदारों के साथ वसूली की गहन समीक्षा की जाएगी और इसी प्रकार समस्त तहसीलदारों द्वारा अपनी अपनी तहसीलों में सप्ताह में एक बार समस्त अमीनो के साथ गहन समीक्षा करते हुए वसूली की कार्यवाही को तेज किया जाएगा और जिन अमीनो प्रगति खराब होगी उनको स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।
3) शिकायती प्रार्थना पत्र के निस्तारण सम्बंधित बिंदु की समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि 2 माह से अधिक के 27 प्रार्थना पत्र अभी भी लंबित है जिसके सम्बन्ध में ज़िलाधिकारी द्वारा नाराज़गी व्यक्त की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा बताया गया कि प्राथमिकता पर ऐसे प्रकरण जो कि 1 माह और 2 माह से अधिक अवधि के लंबित है उनका निस्तारण कराया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध में ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि अगले 15 दिनों के भीतर 1 माह से अधिक के जितने भी प्रकरण लंबित है उनका शत प्रतिशत निस्तारण कराना सुनिश्चित कराया जाए और 20 फरवरी को अपर जिलाधिकारी न्यायिक के द्वारा प्रकरणों की समीक्षा की जाए।
4) पूर्व में ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए थे कि 10 बड़े बकाएदारों से अगले माह तक वसूली करना सुनिश्चित किया जाए। परन्तु जिन बकायेदारों से से अभी तक वसूली नही हो पाई है तो ऐसे बकाएदारों के विरुद्ध इसी माह कुर्की की कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए। सभी बड़े बाक़ीदारो को नोटिस जारी किए जाए यदि उनके द्वारा भुगतान नही किया जाता है तो तत्काल उनपर कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।
5) उक्त के बाद ज़िलाधिकारी द्वारा आर0सी0 की समीक्षा की गई। उप ज़िलाधिकारियों द्वारा बताया गया कि लगभग 60% आर0सी0 ऑनलाइन कर दी गई है। जिसके सम्बन्ध में ज़िलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि इस माह के अंत तक शत प्रतिशत आर0सी0 ऑनलाइन करना सुनिश्चित किया जाए। सभी आर0सी0 ऑनलाइन करने के बाद उनकी वसूली करना भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही रेरा से सम्बंधित आर0सी0 की अलग से समीक्षा की जाए।
6) अंश निर्धारण की समीक्षा के दौरान ज़िलाधिकारी द्वारा समस्त उप ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह सभी लेखपालो के निर्देशित करे कि अंश निर्धारण के दौरान जिन लोगो के संयुक्त खाते है और उनकी वल्दियत सेम है या सँयुक्त परिवार से है उनका अंश निर्धारण के साथ बटवारा करना भी सुनिश्चित किया जाए।
7) बैठक में ज़िलाधिकारी द्वारा बताया गया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कार्य करना सुनिश्चित करे। भ्रष्टाचार करने वाले और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वालो को कदापी बख्शा नही जाएगा। सभी अधिकारी भ्रष्टाचार पर पूर्णतः अंकुश लगाना सुनिश्चित करे।
8) उक्त के बाद ज़िलाधिकारी द्वारा बैठक में आर्थिक सहायता के प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। ज़िलाधिकारी बताया गया कि आर्थिक सहायता का कोई भी प्रकरण लंबित नही होना चाहिए। आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। ज़िलाधिकारी द्वारा कड़े निर्देश दिए गए कि आर्थिक सहायता से सम्बंधित समस्त प्रकरणों पर 24 घंटे के भीतर कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।
उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ बिपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी पूर्वी श्री अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती श्री राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री हिमांशु गुप्ता, समस्त उप ज़िलाधिकारी, समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट, समस्त तहसीलदार व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।





