लखनऊ, 28 नवंबर 2021। कांग्रेस ही संविधान के मूल्यों की रक्षा कर सकती है। संघ और भाजपा संविधान लागू किये जाने के समय से ही इसके समतावादी मूल्यों के विरोधी रहे हैं। इसीलिए मोदी और योगी सरकारों में रोज संविधान को कमज़ोर किया जा रहा है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस के हर रविवार को फेसबुक लाइव के ज़रिये होने वाले स्पीक अप कैम्पेन के 23 वीं कड़ी में अल्पसंख्यक कांग्रेस के नेताओं और पदाधिकारियों ने ये बातें कहीं।
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान दुनिया का एक मात्र ऐसा संविधान है जिसने बिना किसी हिंसा के हज़ारों साल से ऊंच-नीच में बंटे समाज को समता और समानता के रास्ते पर ला दिया। संघ परिवार ने इसीलिए संविधान के लागू होते ही इसका विरोध किया और 1952 का चुनाव नेहरू और कांग्रेस द्वारा संविधान में दलितों को बराबरी का दर्जा देने और उन्हें मंदिरों में प्रवेश का अधिकार देने के खिलाफ़ लड़ा।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि संविधान को कमज़ोर करने के लिए ही मोदी और योगी सरकार कमज़ोर तबकों का आरक्षण खत्म कर रही हैं। जबकि कांग्रेस अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों को मिले संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ रही है।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि सपा और बसपा मुसलमानों, दलितों और पिछड़ों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भाजपा से नहीं लड़ पा रही हैं। जबकि कांग्रेस सीएए-एनआरसी से ले कर दलितों और पिछड़ों के आरक्षण के मुद्दों पर लगातार लड़ रही है।