लखनऊ। 21 मई, 2021
लखनऊ में जारी लाक डाउन की वजह से 8 शव्वाल, जोकि जन्नतुल बक़ी में मज़ारों को गिराये जाने वाले दिन, मौलाना यासूब अब्बास की जानिब से जो विरोध प्रदर्शन सऊदी सरकार व आले सऊद के विरूध हर वर्ष शहीद स्मारक लखनऊ में आयोजित किया जाता था वह इस वर्ष आॅन लाइन आयोजित हुआ। आॅन लाइन विरोध प्रदर्शन में न सिर्फ़ लखनऊ की हद तक रहा बल्कि हिन्दुस्तान व हिन्दुस्तान के बाहर से भी उलमा व मोमिनीन ने आॅन लाइन विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रोग्राम का आग़ाज़ दिन में एक बजे क़ारी नदीम नजफ़ी ने तिलावते कलामे मजीद से किया। विरोध प्रदर्शन का संचालन मौलाना यासूब अब्बास ने किया। सबसे पहले मौलाना यासूब अब्बास ने सऊदी सरकार व आलू सऊद के द्वारा जन्नतुल बक़ी मदीना मुनव्वरा में हो रहे जुल्म व ज़्यादती पर रौशनी डाली और कहा कि जिस तरह क़िब्ल-ए-अव्वल की आज़ादी के लिये रमज़ान के पवित्र माह के आखि़री शुक्रवार को ‘‘यौमे कुद्स‘‘ के शीर्षक से मनाया जाता है उसी तरह पहली शव्वाल (ईद की 1 तारीख़) से 8 शव्वाल (ईद की 8 तारीख़) तक ‘‘हफ़्तए बक़ी‘‘ के शीर्षक से मनाया जाये जिसमें ज़ालिम आले सऊद का जुल्म नुमाया हो और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हों।
हिन्दुस्तान के बाहर लंदन से अल्लामा अली रज़ा रिजवी, कराची पाकिस्तान से अल्लामा शहंशाह हुसैन नक़वी ने आॅन लाइन विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अपने अपने विचार प्रकट करते हुए जन्नतुल बक़ी पर रौशनी डाली व आले सऊद के माध्यम से जन्नतुल बक़ी में हो रहे जुल्म को बयान किया और कहा कि आज दुनिया भर में जन्नतुल बक़ी के लिये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं इसके इस वक़्त तक जारी रहना चाहिये, जब तक दोबारा रौज़ों का नव निर्माण न हो जाये। अल्लामा शहंशाह हुसैन नक़वी ने कहा कि जिस तरह हिन्दुस्तान में मौलाना यासूब अब्बास हर साल बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करते हैं वह क़ाबिले तारीफ़ है। अल्लामा अली रज़ा रिज़वी ने कहा कि ख़तीबे अकबर व मौलाना अशफ़ाक साहब ने भ्ीा बराबर लंदन में या दूसरी जगहों पर दौराने मुलाक़ात बक़ी के लिये अपनी बेचैनी का इज़हार किया। आज मौलाना यासूब अब्बास साहब की जानिब से हो रहा विरोध प्रदर्शन इसी का नतीजा है।
नजफ़े अशरफ़, इराक़ से मरजए जहान तशी हज़रत आयतुल्लाह बशीर नजफ़ी साहब क़िब्ला के नुमाइन्दे हुज्जतुल इस्लाम मौलाना ज़ामिन जाफ़री नजफ़ी साहब ने जन्नतुल बक़ी से अपने ख़यालात का इज़हार किया।
इसके अलावा मुल्क के अन्य हिस्सों से मौलाना, खतीब व मोमिनीन ने अपने अपने विचार प्रकट करते हुए सऊदी सरकार व आले सऊद के जुल्म पर रौशनी डाली और यह कहे कि जब तक जन्नतुल बक़ी में रौजों का नव निर्माण नहीं होता है हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। आज पूरी दुनिया में सऊदी सरकार के खि़लाफ़ आवाज़े उठ रही हैं और वह दिन दूर नहीं जब सऊदी सरकार अरब तबाह व बर्बाद हो जायेगा। जिस तरह भविष्य में तमाम जालिम व जाबिर बादशाहों की बर्बादी को दुनिया ने देखा है उसी तरह आले सऊद सरकार की बर्बादी को भी हम अपनी आंखों से देखेंगे।
वक्ताओं में हुज्जतुल इस्लाम मौलाना साएम मेहदी (अध्यक्ष, आॅल इण्डिया शिया पर्सनल लाॅ बोर्ड), हुज्जतुल इस्लाम मौलाना ज़ाहिद अहमद रिज़वी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आॅल इण्डिया शिया पर्सनल लाॅ बोर्ड), मुम्बई से मौलाना ज़हीर अब्बास रिज़वी, बिहार से मौलाना असद यावर, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना ज़हीर अहमद इफ़तेख़ारी, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना मिर्ज़ा जाफ़र अब्बास, मुज़फ़्फर नगर से हुज्जतुल इस्लाम मौलाना फ़सीह हैदर, रांची से मौलाना तहज़ीबुल हसन, मौलाना अनवर हुसैन रिज़वी, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना नसीम अब्बास कानपुर, मौलाना मीसम ज़ैदी, अफ़ज़ल इमाम एडवोकेट, मुम्बई, अब्बास मुर्तुज़ा शम्सी वाराणसी, जुल्फ़ेक़ार अहमद छम्मन दिल्ली ने अपने अपने विचार प्रकट किये। इसके अलावा शायरे अहलेबैत एजाज़ जै़दी व नय्यर मजीदी ने जन्नतुल बक़ी में रौज़ों को गिराये जाने के विरोध में अपने शेर पेश किये। अन्त में मौलाना एजाज़ अतहर ने मजलिस को सम्बोधित करते हुए मसाएब जनाबे मासूमा बयान किये। मौलाना यासूब अब्बास ने जिला प्रशासन के जिम्मेदारों के माध्यम से एक मेमोरेंडम प्रधानमंत्री भारत सरकार को रवाना किया जिसमें मांग की गयी कि हिन्दुस्तान अपने तअल्लुक़ात का इस्तेमाल करते हुए सऊदी सरकार से कहे कि वह जन्नतुल बक़ी मदीना में या तो खुद रौज़ों का नव निर्माण कराये हमको रौज़ों के नव निर्माण की अनुमति दे।
अन्त में मोमिनीन ने आॅन लाइन नौहाख़्वानी व सीनाज़नी की। विरोध प्रदर्शन को तमाम यू ट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव दिखा गया। यह जानकारी सैय्यद अज़हर नक़वी ने की।
*( सैय्यद अज़हर नक़वी )*