उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए कई नए चेहरों को सरकार में शामिल करने का फैसला किया। राजभवन में हुई हलचल और गाड़ियों की एंट्री डिटेल से 8 मंत्रियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 6 नए मंत्री और 2 पुराने मंत्रियों के प्रमोशन की चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। सरकार ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों और सामाजिक संतुलन को देखते हुए अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई है।
मंत्रिमंडल विस्तार में कई नए चेहरों को मौका देकर भाजपा नेतृत्व ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का संदेश देने की कोशिश की है। वहीं, दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन देकर उनके कामकाज पर भरोसा जताया गया है।
इस बीच, बागी विधायक पूजा पाल का नाम लंबे समय से चर्चा में था, लेकिन तमाम अटकलों के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। इससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया रणनीतिक कदम है। अब सभी की नजर शपथ ग्रहण और विभागों के बंटवारे पर टिकी हुई है।
योगी मंत्रिमंडल विस्तार: 6 नए चेहरों को मौका, 2 मंत्रियों का प्रमोशन, जातीय संतुलन पर खास फोकस





