शिया-सुन्नी एकता का ऐतिहासिक ऐलान, ‘अब इत्तिहाद हो गया जो कभी नहीं टूटेगा’
कर्बला-ए-हिंद जलालपुर से स्पेशल रिपोर्ट: शब्बीर हुसैन पत्रकार
जलालपुर के कर्बला-ए-हिंद में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनई की शहादत की याद में एक भव्य सोग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल मुसलमानों के दिलों को छू लिया, बल्कि शिया-सुन्नी एकता की मिसाल कायम कर दी। मुख्य अतिथि के रूप में शिया-सुन्नी इत्तिहाद के प्रतीक, लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना फज्रुल्ल मन्नान रहमानी ने एक दिल छू लेने वाला खिताब दिया, जिसकी मुसलमानों ने खूब तारीफ की।
शाही इमाम ने अपने भावपूर्ण भाषण में कहा कि शिया-सुन्नी इत्तिहाद को तोड़ने की साजिश रचने वाले दोनों समुदायों के शरारती तत्व सक्रिय थे।
लेकिन अयातुल्लाह खामेनई की शहादत ने सभी मुसलमानों को एकजुट कर दिया। उन्होंने जोर देकर ऐलान किया, “अब इत्तिहाद हो गया है, जो कभी नहीं टूटेगा।”
यह सुनते ही मौजूद सैकड़ों लोग भाव-विभोर हो उठे। पूरा जलालपुर ‘तकबीर! अल्लाह हो अकबर!’,
‘रिसालत या रसूल अल्लाह!’,
‘हैदरी या अली!’ के नारों से गूंज उठा।
शाही इमाम ने अयातुल्लाह खामेनई के अमर कथनों का जिक्र करते हुए कहा, “अल्लाह सबसे बड़ा है,
तो उसके आगे कोई बड़ा नहीं। जब उस रब को सजदा कर लिया, अब किसी को सजदा नहीं।” इसके बाद शहादत का जाम पी लिया। नतीजा? ऐसा इंकलाब आया कि खुद को सुपरपावर कहने वाले देश जमीनदोष हो गए। आज जालिमों के देशों में सड़कों पर लोग उतर आए हैं और ‘ट्रंप किलर’ के नारे लगा रहे हैं। यह खामेनई की शहादत की ताकत का प्रतीक है, जो इस्लामी दुनिया के लिए बड़ा सदमा तो है, लेकिन मुसलमानों की एकता का सबसे मजबूत आधार भी बन गया।
शाही इमाम ने युवाओं से खास अपील की कि शरारती तत्वों के जाल में न फंसें और हमेशा एकजुट रहें। उनकी यह तकरीर शिया-सुन्नी भाईचारे को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग भावुक होकर नोहा-मर्सिया पढ़ते नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो यूनिटी की इस मिसाल को दुनिया भर तक पहुंचा रहा है।





