नई दिल्ली, 25 फरवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। लोकप्रिय शरबत रूह अफ़ज़ा को फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड मानते हुए उत्तर प्रदेश VAT एक्ट के तहत 12.5% की जगह केवल 4% VAT लगाने का निर्देश दिया �।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2018 के फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें इसे नॉन-फ्रूट ड्रिंक कहा गया था। कोर्ट ने माना कि कई राज्यों में इसे पहले से कम टैक्स कैटेगरी में रखा गया है, जो व्यावसायिक रूप से सही है �।पृष्ठभूमिआकलन वर्ष 2007-08 और 2008-09 में हमदर्द ने 4% VAT चुकाया, लेकिन अधिकारियों ने 12.5% लगाया। ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट ने शरबत कहकर खारिज किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूची-II प्रविष्टि 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक वर्गीकरण मान्य ठहराया �।यह फैसला यूपी में उत्पाद को सस्ता बनाएगा और समान विवादों पर असर




