दिल्ली चुनाव (28 अक्टूबर 2025):आयोग का निर्णय: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 27 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि SIR का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज रात 12 बजे से शुरू होगा। यह प्रक्रिया मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को अपडेट और शुद्ध करने के लिए है, जिसमें फर्जी या अयोग्य नाम हटाए जाएंगे और योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि बिहार में पहला चरण सफल रहा, जहां 69 लाख नाम हटाए गए।
12 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: उत्तर प्रदेश (UP)
मध्य प्रदेश (MP)
पश्चिम बंगाल (WB)
बिहार (दूसरा चरण जारी)
महाराष्ट्र
झारखंड
असम
गुजरात
राजस्थान
छत्तीसगढ़
दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश)
जम्मू-कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)
प्रक्रिया का विवरण: मतदाता सूची आज रात 12 बजे फ्रीज हो जाएगी।
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
अवधि: लगभग 1-2 महीने, जिसमें फॉर्म 6 (नया नाम जोड़ना), फॉर्म 7 (नाम हटाना) आदि का उपयोग।
उद्देश्य: चुनावों से पहले पारदर्शी वोटर लिस्ट सुनिश्चित करना, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों (जैसे बिहार 2025) के लिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:कांग्रेस का विरोध: पार्टी ने इसे “वोट चोरी” का खेल बताया। कहा कि बिहार में 69 लाख वोट कटे, अब 12 राज्यों में करोड़ों नाम काटे जाएंगे। यह मोदी सरकार और ECI की साजिश है।
ECI का स्पष्टीकरण: आयोग ने कहा कि यह पारदर्शी प्रक्रिया है, अवैध प्रवासियों या डुप्लिकेट नामों को हटाने के लिए। असम जैसे राज्यों में पहले ही SIR हुआ है, लेकिन सभी में जरूरी।
केंद्रीय शासन (President’s Rule) से संबंध?यदि आपका मतलब Article 356 (राष्ट्रपति शासन) से है, तो वर्तमान में भारत के किसी भी राज्य में केंद्रीय शासन लागू नहीं है। मणिपुर में फरवरी 2025 में CM बिरेन सिंह के इस्तीफे के बाद President’s Rule लगाया गया था, लेकिन अब वहां नई सरकार बनी है। ECI का SIR फैसला म
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