लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन, जहां पहले फूल मंडी लगती थी, को जिला प्रशासन ने खाली करवा लिया था। अब इस खाली जमीन को संभवतः रोड चौड़ीकरण के लिए उपयोग करने की योजना है। इस मुद्दे पर उलेमा और समाजसेवी संस्थाएं सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध दर्ज कर रही हैं, लेकिन ठोस लिखित कार्रवाई की कमी दिखाई दे रही है।
पहले भी इस जमीन पर चौड़ीकरण के नाम पर अतिक्रमण का प्रयास हो चुका है। स्वर्गीय वकील जावेद मुर्तजा ने इसके खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज कर हुसैनाबाद ट्रस्ट का बोर्ड लगवाया था, जिसके बाद लंबे समय तक विवाद चला। हालांकि, वह बोर्ड बाद में गायब हो गया। अब फूल मंडी हटने के बाद रोड चौड़ीकरण की योजना फिर से चर्चा में है।
उलेमा और समाजसेवी संस्थाओं को सलाह है कि वे केवल सोशल मीडिया पर विरोध तक सीमित न रहें, बल्कि देश के प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह (जो लखनऊ से सांसद हैं), और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखें। पहले भी स्वर्गीय जावेद मुर्तजा के प्रयासों से इस तरह के मुद्दों पर कार्रवाई हुई थी। उदाहरण के लिए, जब चौक चौराहे की गुंबदों को हटाया गया था, तब स्वर्गीय नगर विकास मंत्री लालजी टंडन ने विरोध के बाद नई गुंबद बनवाने का आश्वासन दिया और उसे पूरा किया।
हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन को बचाने के लिए उलेमा और समाजसेवी संस्थाओं को स्वर्गीय जावेद मुर्तजा और लालजी टंडन के उदाहरण से प्रेरणा लेते हुए लिखित कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज करानी होगी, ताकि इस ऐतिहासिक जमीन को संरक्षित किया जा सके। शाबू ज़ेदी



