खतीब ए अकबर मौलाना मिर्जा मोहम्मद अतहर के नाम से अलीनगर अमहट जिला सुल्तानपुर में रखी गई बाबे खतीब ए अकबर की संगे बुनियाद पूरी उम्र अपनी जाकिरी और खिताबत से पूरी दुनिया में पहचाने जाने वाले खतीब ए अकबर ने एक सादा जिंदगी बसर की उनकी यही सादगी और अहलेबैत अ.स. से वाबस्तगी ने मोमिनीन के दिलों में अपना घर कर लिया।
ख़तीब ए अकबर मौलाना मिर्ज़ा मोहम्मद अतहर साहब ने पूरी जिंदगी अहलेबैत अ.स. की नौकरी में गुज़ार दी और कभी उनके दुश्मनों से समझौता नहीं किया वसाएल होने य न होने पर भी अपने को मजलिसे इमामे हुसैन अ.स. तक पहुंचाया।
उसी दौरान उनके अमहट सुल्तानपुर से बहुत करीबी रिश्ते रहे चाहे अमहट सुल्तानपुर की सालाना मजालिस हो या इनफिरादी कोई भी मजलिस हो जब भी खतीबे अकबर को ख़िताबत के हवाले से याद किया गया उन्होंने हमेशा उन आवाजों पर लब्बैक कही उनकी इन यादों को बाक़ी रखने के लिए मोमिनीने अली नगर अमहट सुल्तानपुर व मोहम्मद नसरैन खां प्रधान (मौज़ा अमहट) की जानिब से बाब ए ख़तीबे अकबर व खतीबे अकबर रोड़ की संगे बुनियाद ब दस्ते मौलाना यासूब अब्बास, मौलाना एजाज़ अतहर व इमामे जुमा अमहट हुज्जत उल इस्लाम मौलाना ज़हूर साहब के दस्ते मुबारक से रखी गई।
इस मौक़े पर मो० नसरैन ख़ां प्रधान मौज़ा अमहट, मौलाना मो० मुस्तफा इस्लामी, मौलाना सिब्तैन ख़ां, मौलाना समरैन ख़ां, मौलाना असकरी ख़ां, एजाज़ ज़ैदी, अन्जुम ग़दीरी, डॉ० मिर्ज़ा मो० अबू तय्यब, मिर्ज़ा मो० फिरोज़ अब्बास, मुनव्वर नवाब, सिकंदर मिर्ज़ा, इज़हार हुसैन ज़र्रे, मो० सक़लैन ख़ां, हसन असकरी, फैज़ अब्बास ख़ां, इख़लाक़ हुसैन, इश्तियाक़ हुसैन, हैदर रज़ा ख़ां, एहतिशाम अब्बास ख़ां, सफदर रज़ा ख़ां साबिक़ एम.एल.ए, डी० पी० सिंह महेन्द्र, और डॉ० नाज़िम हुसैन खां मौजूद रहे।