वक्फ संपत्ति को राजस्व अभिलेख में वक़्फ़ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने के आदेश का मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव डॉ मोइन अहमद ने स्वागत करते हुए कहा है कि खाली इस आदेश से काम नहीं चलेगा,
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के वक्फ संपत्तियों का विवरण दफा 37 के रजिस्टर में बिना रकबे के दर्द है,
ऐसी ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से अपनी संपत्ति दिखा कर अवैध रूप से बेची जाती है, इस आदेश के बाद ऐसे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड पर आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ दशक से बोर्ड में जमकर धांधली, भ्रष्टाचार और व संपत्ति की अवैध बिक्री हो रही है,
वक़्फ़ संपत्ति को खुर्द बुर्द होने से रोकने के लिए दफा 37 के रजिस्टर में संपत्ति का रख़बा और चौहद्दी दर्ज कराने के आदेश का सख्ती से पालन हो, उन्होंने सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि बोर्ड की निगाहें विशेषकर मदरसों खानकाओं और मजारों की संपत्ति व उससे होने वाली आमदनी पर टिकी रहती है, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगर सुन्नी वक्फ बोर्ड की सीबीआई जांच की मांग पर कदम नहीं उठाया तो बोर्ड मामले को उच्चतम न्यायालय ले जाएगा,