23 रमज़ार 3 अप्रैल 2024
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
सवाल- क्या दूध पीते बच्चे का भी फितरा दिया जाएगा?
जवाब- दूध पीते बच्चे का भी फितरा देया जाएगा, अगर बच्चा 29 रमज़ा को पैदा हुआ हैे तो भी फितरा दिया जाएगा।
सवाल- क्या फितरा का पैसा दूसरे शहर भेजा जा सकता है?
उत्तर- यदि वे अपने शहर में इसके हकदार नहीं हैं, तो अन्य शहर जकात फितरा भेज सकते हैं।
प्रश्न- क्या जुमा की नमाज़ कें दोनों उपदेश सुनना आवश्यक है?
उत्तर- खुतबों को सुनना उत्तम है।
सवाल- क्या बीवी और बच्चों का फिदया शौहर पर वाजिब है?
उत्तरः पत्नी और परिवार का फिदया पति और वाजिबुन नफका लोगो का फिदया घर के मुखिया पर जिसकी देखरेख में वे हैं अनिवार्य नहीं है अगर उसकी देख रेख मे कोई अन्य समुदाय का आदमी हो तो उसका भी फितरा दिया जाएगो
प्रश्नः यदि कोई व्यक्ति 10 दिनों का रोज़े का इरादे से जाए और रोज़ा रखे फिर किसी कारण से जल्दी लौट आए तो जो रोज़ा उसने रखे है उनका क्या हुक्म है
उत्तर: जो रोज़े 10 दिन की नीयत के अनुसार किए गए हैं, वो सब सही होंगे।




