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समूहों की धूप बत्ती से महक रहे हैं ,माँ के दरबार

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लखनऊ: 28 मार्च 2023

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल दिशा निर्देशन में उत्तर प्रदेश में महिला स्वावलंबन व सशक्तिकरण के लिए अनेकानेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, इसी कड़ी में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदेश में अनेक चीजों का उत्पादन कर महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है, यही नहीं, कई क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने नई नजीर भी पेश की है ।स्वतंत्रता दिवस व हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बड़ी संख्या में तिरंगेझण्डों के साथ साथ तिरंगे ब्रेसलेट, टोपी व अन्य सामग्री का उत्पादन कर अच्छी कमाई की, वहीं,होली के पर्व के दौरान समूहो द्वारा तैयार किए गए हर्बल गुलाल की प्रदेश के अन्दर तो उपयोग में लाया ही गया, प्रदेश के बाहर मुम्बई तक हर्बल गुलाल की धूम मची रही।

*समूहों के उत्पाद से हो रहा मां का श्रृंगार*

नव सम्वत्सर व नवरात्रि के दृष्टिगत बाजार की मांग और लोगों के नजरिए को भांपकर समूहों की दीदियों द्वारा माता रानी के श्रृंगार , चुनरी/परिधान(आसनी/बैठकी, लहंगे, माले आदि) व पूजा सामग्री(गाय के गोबर से निर्मित हवन कप, धूपबत्ती, हवन सामग्री आदि) का निर्माण कार्य किया जा रहा है । उत्पादों को नजदीकी बाजारों व मार्केट से अच्छा रिस्पॉन्स प्राप्त हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा इस कार्य को प्रोत्साहित किए जाने से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर पूजन से संबंधित बड़ी संख्या में कई प्रकार के उत्पाद बनाए जा रहे हैं ,जैसे धूप, अगरबत्ती ,हवन सामग्री ,गाय के गोबर के दिए, चुनरी, माला ,आशनी एवं तरह-तरह के प्रसाद एवं व्रत से जुड़ी हुई खाद्य सामग्रियां भी बना रहे हैं।
प्रदेश के कई जनपदों में नवरात्रि से जुड़े उत्पादों को समूहों द्वारा न केवल उत्पादित किया जा रहा है बल्कि प्रमुख बाजारों में दुकानें लगा करके उनकी बिक्री का भी कार्य किया जा रहा है ,जिसके माध्यम से समूह के सदस्यों को अच्छी आय होने का अनुमान लगाया जा सकता है। मंदिरों में चढ़ाए जाने के पश्चात फूलों से बनाई जा रही अगरबत्ती एवं धूपबत्ती की मांग बाजार में बहुत ज्यादा है एवं ग्रामीण महिलाओं के हाथों के बने शुद्ध खाद्य सामग्रियों की भी बहुत ज्यादा डिमांड है।

*आस्था को नमन, गौ -उत्पादों से, नौ -रूपों की पूजा*

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती सी० इन्दुमती ने बताया कि हवन सामग्री को भी गाय के गोबर से छोटी-छोटी लकड़ियां बनाकर के इस्तेमाल करने के लिए बिक्री की जा रही है।नवरात्रि में मां के नौ रूपों को छठ पूजा के साथ-साथ गौ माता के संरक्षण को बल देने के लिए गौ उत्पादों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, धूप अगरबत्ती हवन सामग्री ,मूर्ति छोटे-छोटे गमले आदि गाय के गोबर से बनाया जा रहा है।

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