Indian Railways ने सात दिनों में प्रवासी मजदूरों समेत 33 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। यह बात केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उपलब्धि के तौर गिनाई, जिस पर टीवी पत्रकार रवीश कुमार ने उन्हें और नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया। कुमार ने दो टूक कहा, “भला यह भी कोई सफलता है, हद है!” हालांकि, इस मसले पर रवीश को सोशल मीडिया पर विरोधियों के ताने का सामना करना पड़ा।
दरअसल, पत्रकार की टिप्पणी गोयल के उस सोशल पोस्ट पर आई, जिसमें बताया गया था, “कोविड के बाद अनलॉक होते शहरों में प्रवासी कामगारों को पहुंचाने में रेलवे अहम भूमिका निभा रहा है। सात दिनों में करीब 33 लाख यात्री और मजदूरों ने सफर किया। यात्रा के वक्त कोरोना नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।” रवीश ने उनके पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए फेसबुक पोस्ट में लिखा- सफलता गिनाने की भी हद होती है रेल मंत्री जी! आपने यह सूचना को ऐसे पेश किया है जैसे कोई बड़ी भारी कामयाबी हो। रेलवे अगर मुफ्त में मज़दूरों को पहुंचाती तो अलग बात थी। अब पहुंचाना भी बड़ी बात हो गई है? क्या रेलवे प्रवासी मज़दूरों की अलग से कोई गिनती करती है? यात्रियों और प्रवासी मज़दूर एक साथ लिख दिया है।