सकट चौथ एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो माघ माह (जनवरी-फरवरी) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (चौथी तिथि) को मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से गणेश जी की पूजा के लिए मनाया जाता है और मुख्य रूप से महिलाएं अपनी संतान और परिवार के सौभाग्य और लंबी आयु के लिए इस व्रत को करती हैं ¹।
सकट चौथ की धार्मिक मान्यता यह है कि यह व्रत संतान सुख की प्राप्ति और घर में सुख-शांति के लिए किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से गणेश जी की पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है ¹।
सकट चौथ की व्रत कथा एक पौराणिक कथा है, जो एक ब्राह्मणी और उसके पुत्र की कहानी बताती है। कथा के अनुसार, ब्राह्मणी का पुत्र कुम्हार के आँवे में बालि चढ़ाने से बच जाता है और यह चमत्कार गणेश जी की कृपा से होता है ¹।
इस त्योहार को मनाने के पीछे का उपदेश यह है कि गणेश जी की पूजा और व्रत करने से संतान सुख और घर में सुख-शांति प्राप्त होती है। यह त्योहार हमें गणेश जी की महिमा और उनकी कृपा की याद दिलाता है ¹।



