लखनऊ। 23 जनवरी, 2024
ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि शिया वक़्फ़ बोर्ड के ग़ासिबों की मिसाल बनी अब्बास की तरह है जो क़त्ले हुसैन अ0स0 के लिये इन्तेक़ाम लेने के लिये आये थे और बाद में इमामों पर जुल्म और उनको शहीद करने लगे। इसी तरह से मौलवी कल्बे जवाद वक़्फ़ बोर्ड की इस्लाह के नाम पर तो आगे आये मगर औक़ाफ़ को तबाही और बर्बादी के दहाने पर लाकर खड़ कर दिया। अलीगढ़ जलाली मंे औक़ाफ़ की ज़मीन को बेच कर वक़्फ़ को तबाह किया, करबला अब्बास बाग़ की ज़मीन पर प्लाटिंग और उसके नाम पर धन उगाही पूरी मिल्लत जानती है, शहदरे की मस्जिद की बीघों ज़मीनों का सौदा करके करोड़ों रूपये डकार गये, शिया यतीमख़ाने को चेयरमैन अली जै़दी ने अपनी बहन को बेच दिया और यतीम बच्चों को हटाने की नोटिस दिया। अज़ादारी के एहतेजाज के नाम पर मौलवी कल्बे जवाद की कोई कुरबानी नहीं है, बल्कि शहीदे-अज़ा बब्बू और भोपाली ने अपनी कुरबानी देकर अज़ादारी को खुलवाया है, आलमनगर में करोड़ों रूपये लेकर वक़्फ़ की जगह को एक स्कूल को दे दिया, जिस पर इख़्तेलाफ़ पैदा हुआ और थाना तालकटोरा में ज़िला प्रशासन की तरफ़ से एफ0आई0आर0 भी लिखाई गयी, इमामबाड़ा गुफरांमाब में लाखों रूपये लेकर क़ब्रों की ज़मीन दी जाती है, जिसका सारा पैसा मौलाना कल्बे जवाद के घर जाता है। इमामबाड़ा गुफरांमाब का गेट जो मौलाना कल्बे सादिक ने बनवाया था उसको तोड़ कर अस्पताल को दे दिया।
शिया वक़्फ़ बोर्ड कार्य शैली व खुर्दबुर्द होती ज़मीनों पर यासूब अब्बास ने उठाए कई सवाल





