लखनऊ:उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था में जातीय समीकरण बेहद अहम माने जाते है. इसकी झलक गाड़ियों पर भी गाहे-बगाहे देखने को मिल जाती है. आमतौर पर लोग अपनी गाड़ियों पर जाट, यादव, गुर्जर, क्षत्रिय, राजपूत, पंडित, मौर्य लिखवा कर चलते हैं. लेकिन अब ऐसा करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम 177 के तहत चालान एवं सीज़ की कार्रवाई होगी । साथ ही साथ केंद्र परिवहन विभाग नें कोविड-19 वायरस महामारी को देखते हुए मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 और मोटर व्हाकल एक्ट 1989 से संबंधित विभिन्न दस्तावेज़ों की वैधता 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है।