रोज़ डे मनाने की शुरुआत के बारे में विभिन्न मतभेद हैं। हालांकि, यह माना जाता है कि रोज़ डे की शुरुआत 17वीं शताब्दी में यूरोप में हुई थी।
उस समय, गुलाब को प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता था। लोग अपने प्रियजनों को गुलाब देते थे और उन्हें प्रेम के संदेश भेजते थे।
रोज़ डे के अवसर पर गुलाब देने की परंपरा को विक्टोरियन युग में और भी लोकप्रिय बनाया गया था। उस समय, लोग गुलाब को अपने प्रियजनों को देते थे और उन्हें प्रेम के संदेश भेजते थे।
भारत में रोज़ डे की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी, जब वेलेंटाइन डे की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी। तब से, रोज़ डे भारत में भी एक लोकप्रिय त्योहार बन गया है, जिसे प्रेमी जोड़े और दोस्त एक दूसरे को गुलाब देकर और प्रेम के संदेश भेजकर मनाते हैं।




