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रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कम्युनिटी हेल्थ आफिसर्स कान्फ्रेंस

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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज राजभवन से वाराणसी स्थित रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कम्युनिटी हेल्थ आफिसर्स कान्फ्रेंस में आनलाइन शामिल हुई ।
इस अवसर पर राज्यपाल जी ने कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा आज विश्व यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज-डे के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कम्युनिटी हेल्थ आफिसर्स कान्फ्रेंस में आपके मध्य उपस्थित होना मेरे लिये गर्व की बात है। उन्होने कहा कि हमारा देश ‘सर्वे भवन्तु सुखनः, सर्वे सन्तु निरामया’ अर्थात विश्व कल्याण की भावना में विश्वास रखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसी भावना को ध्यान में रखते हुये सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से अन्त्योदय के उद्देश्य को साकार करने और समाज के अन्तिम छोर पर बैठे उस व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने के लिये अनेक प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। ऐसे राज्यों जिन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, उन राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सम्मानित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
श्री राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एबी-एचडब्ल्यूसी) के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं देने की दिशा में प्रगति कर रहा है। श्री राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अब तक भारत सरकार द्वारा 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित करने के लक्ष्य के सापेक्ष 1,33,000 केन्द्र क्रियाशील हैं। उन्होंने ई-संजीवनी के माध्यम से उपचार की व्यवस्था अत्यधिक प्रभावी बनाये जाने पर बल देते हुए कहा कि इस माध्यम से किसी भी गरीब एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आवासित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सलाह प्राप्त हो सकती है और उनकी स्क्रीनिंग के पश्चात पहले से ही किसी भी असाध्य रोग की जानकारी रोगी को मिलने से मरीज का जीवन बच सकता है।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ केयर कवरेज डे के उद्देश्य को हम सभी को मिलकर प्राप्त करना है। मा0 प्रधानमंत्री जी के 2025 तक भारत को टी0बी0 मुक्त करने के लक्ष्य की पूर्ति हेतु हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राजभवन में 3 से 5 वर्ष की आयु के जो बच्चे आंगनबाड़ी में आते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन युक्त एक किट प्रदान की जाती है, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग 3,000 केन्द्रों को अब तक जनभागीदारी की मदद से आच्छादित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राजभवन द्वारा महिलाओं की शारीरिक समस्याओं जैसे सर्वाइकल कैंसर आदि के निदान हेतु समय-समय पर कैम्प लगाकर एच0पी0वी0 का टीका 9 से 14 साल की बच्चियों को लगाये जाने की व्यवस्था है।
राज्यपाल जी ने कांफ्रेंस में उपस्थित महानुभावों को यह भी जानकारी दी कि ब्लड डोनेशन कैम्प की स्थापना हेतु विश्वविद्यालय की मदद लिया जाना उचित होगा ताकि युवा वर्ग इस पवित्र कार्य में व्यापक जागरूकता कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करें और फलस्वरूप लोगों की समय पर जान बचायी जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि जितने भी हेल्थ और वेलनेस सेंटर स्थापित हो रहे हैं। उनमें महिलाओं/किशोरियों के सभी प्रकार के रोगों का उपचार तथा परीक्षण की व्यवस्था अवश्य रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी जनजागरूता के माध्यम से इस कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
श्री राज्यपाल ने कहा कि विश्व कल्याण की शुरूआत जन कल्याण से होती है और स्वास्थ्य उसकी महत्वपूर्ण इकाई है। इसलिए यूनिवर्सल हेल्थ भारत के लिए बहुत बड़ी प्राथमिकता है।
श्री राज्यपाल ने कहा कि हम देश और दुनिया में ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज’ की ओर बढ़ने वाली प्रगति को स्वीकार करें और सभी के लिए उच्च गुणवत्ता, सस्ती व जन केन्द्रित आजीवन भागीदारी, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाली एक स्थायी और लचीली स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए प्रयास करें।
इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा0 मनसुख मांडवीया,एन0एच0ए0 के सी0ई0ओ0 श्री राम सेवक शर्मा, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण, विभिन्न प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधिगण आनलाइन जुड़े थे।

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