राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का समापन 1 सितंबर 2025 को पटना में हुआ। यह यात्रा 17 अगस्त से शुरू हुई थी और 23 जिलों को कवर करते हुए लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाता जागरूकता फैलाना और वोट के अधिकार की रक्षा करना था।
*यात्रा के मुख्य बिंदु:*
– *यात्रा की शुरुआत और समापन*: सासाराम से शुरू हुई यात्रा पटना के गांधी मैदान से आंबेडकर पार्क तक पैदल मार्च के साथ समाप्त हुई।
– *मुख्य उद्देश्य*: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से लोगों के वोट के अधिकार पर कथित हमले को उजागर करना।
– *नेतृत्व*: राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने संयुक्त रूप से यात्रा का नेतृत्व किया।
– *जनता की प्रतिक्रिया*: यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला ¹ ².
*राजनीतिक प्रभाव:*
– *महागठबंधन की ताकत*: यात्रा ने महागठबंधन की संगठनात्मक क्षमता और जनता में लोकप्रियता को दिखाया।
– *भाजपा की प्रतिक्रिया*: भाजपा नेताओं ने यात्रा को नौटंकी बताया और इसका प्रभाव कम करने की कोशिश की।
– *चुनावी प्रभाव*: यात्रा का आगामी विधानसभा चुनावों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है ³.



