राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित वीरांगना वाहिनी के स्थापना सम्मेलन में ऊषा विश्वकर्मा ने कहा कि भारत की वीरांगनाओं के त्याग और बलिदान से अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा। लेकिन ये वीरांगनाएं जैसा भारत बनाना चाहती थीं, वैसा भारत नहीं बन पाया। इसलिए उसके सपनों को पूरा करने के लिए अब वीरांगना वाहिनी काम करेगी।
वीरांगना वाहिनी का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को संगठित करके भारतीय संस्कृति, राष्ट्र को बचाने और औरतों के लिए सुरक्षित समाज बनाने का प्रयास करना है। इस संगठन की प्रेरणा भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की नायिकाओं, रानी लक्ष्मी बाई, बेगम हजरत महल, ऊदा देवी, झलकारी बाई आदि से मिली है।
सम्मेलन में 1974 के जेपी आंदोलन में कार्यरत महिला नेतृत्व का सम्मान किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। डॉ मीनाक्षी सखी, किरन, पूनम, पुतुल, अनुराधा और झरना को सम्मानित किया गया।




