01 मार्च 2023 लखनऊ।
केंद्र की मोदी सरकार की अडानी के पक्ष में क्रोनी कैपिटलिज्म नीति देश को रसातल में ले जा रही है। गहरे आर्थिक संकट के समय में, भाजपा सरकार देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अडानी समूह को बेच रही है और एसबीआई और एलआईसी जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को निवेश करने के लिए जबरिया मजबूर कर रही है जिससे देश के गरीब और मध्यम वर्ग की जनता की गाढ़ी कमाई की करोड़ों रूपये की बचत खतरे में पड़ गयी है। आम जनता की गाढ़ी कमाई पर कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर डाका नहीं डालने देगी और इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं मीडिया संयोजक अशोक सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने आन्दोलन को तेज करने और इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाने के लिए वृहद पैमाने पर आन्दोलन करेगी। रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) में 25-26 फरवरी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महाधिवेशन में की गई घोषणा के अनुरूप आन्दोलन को तेज करने के लिए उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री बृजलाल खाबरी पूर्व सांसद के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी ने ब्लाक, जिला और राज्य स्तर पर निर्णायक आन्दोलन खड़ा करने का निर्णय लिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश भर में किये जाने वाले आंदोलन के तहत मार्च के प्रथम सप्ताह में 6 व 10 मार्च को प्रदेश के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों और एलआईसी के कार्यालयों के सामने ब्लॉक स्तर पर आन्दोलन किया जायेगा। इसके उपरांत 13 मार्च को राजधानी लखनऊ में राज्य स्तरीय एक विशाल ‘चलो राजभवन’ मार्च निकाला जाएगा। इसके उपरान्त मार्च 2023 के अन्त तक प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय पर्दाफाश रैलियां की जायेंगी जिसके माध्यम से भाजपा सरकार की अडानी के पक्ष में क्रोनी कैपिटलिज्म नीति, भ्रष्ट यार- बचाये सरकार, के खिलाफ आवाज बुलन्द करेगी।
प्रवक्ता ने कहा कि इसके उपरान्त आन्दोलनों के क्रम में अप्रैल 2023 में राजधानी लखनऊ में बड़े पैमाने पर ‘पर्दाफाश महारैलियां’’ की जायेंगी। मोदी सरकार के भ्रष्टाचार और गौतम अडानी के पक्ष में क्रोनी कैपिटिलिज्म नीति के खिलाफ व्यापक जनहित में कांग्रेस पार्टी निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तत्पर है।
श्री सिंह ने कहा कि आन्दोलनों में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों, फ्रंटल संगठनों, विभागों/प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश के सभी पदाधिकारियों, जिला एवं शहर अध्यक्षों को परिपत्र भेजा गया है।





