रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण किया और उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को सलाम किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऊदा देवी ने अपने अप्रतिम पराक्रम और अदम्य साहस से न सिर्फ अंग्रेज सेना को धूल चटाई, बल्कि राष्ट्र प्रेम का एक अनमोल मानक स्थापित किया है, जो अनंत काल तक भारत के हर नागरिक को प्रेरित करता रहेगा।
*वीरांगना ऊदा देवी की कहानी*
ऊदा देवी ने अकेले ही 36 ब्रिटिश सैनिकों को मौत के घाट उतारने में कामयाबी हासिल की थी। उनके मृत शरीर का ब्रिटिश अधिकारियों ने भी सम्मान किया था, जिसमें अंग्रेज अधिकारी कैप्टन डॉसन ने हैट उतारकर उन्हें सलामी दी थी।
*राजनाथ सिंह का संदेश*
राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर जोर दिया कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अक्सर एक पार्टी या कुछ विशेष वर्गों तक सीमित रहा है, जबकि दलित, आदिवासी, महिलाएं और पिछड़े वर्ग के लोग भी इस संघर्ष के महत्वपूर्ण नायक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि इन गुमनाम नायकों को सामने लाया जाए और उनके बलिदान को उचित सम्मान मिले।





