Home / मौलाना सैय्यद मोहम्मद वली रहमानी के निधन पर रिवोल्यूशन न्यूज़ के संपादक बहार अख्तर ज़ैदी का इज़्हारे ग़म

मौलाना सैय्यद मोहम्मद वली रहमानी के निधन पर रिवोल्यूशन न्यूज़ के संपादक बहार अख्तर ज़ैदी का इज़्हारे ग़म

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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना सैय्यद मोहम्मद वली रहमानी अब हमारे बीच नहीं रहे। आज उनका निधन हो गया।
दि रिवोल्यूशन न्यूज़ के संपादक बहार अख्तर ज़ैदी ने इज़्हारे ग़म करते हुए कहा कि मौलाना सैय्यद मुहम्मद वली रहमानी भारतीय इस्लामी विद्वान और शिक्षक के साथ साथ एक बेहतरीन शख्सियत के मालिक थे।
उन्होंने 1974 से 1996 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। वह अपने पिता हजरत मौलाना मिन्नतुल्लाह रहमानी की मृत्यु के बाद से रहमानी ख़ानक़ाह के वर्तमान सज्जादा नशीन और जामिया रहमानी मुंगेर के संरक्षक थे।
श्री ज़ैदी ने बताया कि
उनके दादा मौलाना मुहम्मद अली मोंगेरी दारुल उलूम नादवत उलेमा के संस्थापकों में से एक हैं। शाह फ़ज़लुर रहमान गंज मुरादाबादी उनकी आध्यात्मिक श्रृंखला की एक बहुत महत्वपूर्ण कड़ी है। वह वर्तमान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव के रूप में सेवारत थे।
श्री ज़ैदी ने कहा कि उनसे अक्सर बातें होती थीं। वह रहमानी 30 के संस्थापक भी थे, जो एक ऐसा मंच है जो छात्रों को आधुनिक शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है। इस संस्था से हर साल NEET और JEE में 100 से अधिक छात्रों का चयन किया जाता है। हज़रत मौलाना सैय्यद वली रहमानी अपने सार्वजनिक भाषण,अपने व्यक्तित्व में साहस और राष्ट्रीय मुद्दों और शिक्षा के क्षेत्र में अहम राये देने के लिए जाने जाते हैं।
उनका मानना ​​था कि शिक्षा बहुत जरूरी है इसलिए कि शिक्षा के माध्यम से ही इंसान इंसान बनता है

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