आल इंडिया मुहम्मदी मिशन द्वारा कर्बला के शहीदों की याद में 4/5 ताल कटूरा लेबर कॉलोनी में मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी दिल्ली शहर क़ाज़ी लखनऊ ,सरपरस्त ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन की सरपरस्ती में व सैयद इकबाल हाशमी अध्यक्ष मोहम्मदी मिशन की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महफिल का आगाज़ कुरान पाक की तिलावत से हुई, जिसे मौलाना आसिफ साहब, उस्ताद जामिया बहरुल उलूम फिरंगी महल ने पढ़ा, और नात नबी गुनगुनाते हुए ज़ुनिरा हाशमी और सैयद फ़ाज़ील मसूदी। विशेष रूप से सम्मिलित हुए।
शहर क़ाज़ी मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम में सबसे ज्या़दा इल्म को अहमियत दी गई है सभी छोटे और बड़ों को इल्म हासिल करना फ़र्ज़ है वह दीन हो या दुनिया दोनों का इल्म होना ज़रूरी है मुहर्रम उल हराम का महीना में कुर्बानियों का वह नमूना है जिसकी मिसाल दूसरी नहीं पाई जाती है हमें हमारे बच्चों को बताना और सिखाना चाहिए इस्लाम में सबसे अव्वल कुर्बानी को तरजीह दी गई है। हक और बातिल का फर्क पता होना चाहिए। कुरान पढ़ना और समझ के पढ़ना दोनों में फर्क है हम अगर कोई काम समझकर करते हैं तो उसका अमल मुख्तलिफ होता है अल्लाह रब्बुल इज्जत आपकी नियत को देखता है नियत जब तक ठीक नहीं होगी तब तक हमारा कोई भी अमल काबिले कबूल नहीं होगा।
मुफ्ती अब्दुल इरफान फिरंगी महली ने अपील करी है कि अपने अपने घरों में महफिले आयोजित करें अल्लाह और उसके रसूल, अहलेबैत और सहाबा इकराम के ताल्लुक से नौजवान बच्चों को बताएं उनकी जिंदगी कैसे गुजा़री और उसी रास्ते पर चलकर हमें अपनी जिंदगी गुजा़रनी है ताकि हमारा हर एक कदम अल्लाह और उसके रसूल और उसके पहले बैत की मोहब्बत में गुज़रे।
महफिल में डॉ. एहसानुल्लाह उपाध्यक्ष मुहम्मदी मिशन, शेख शाकिर अली मीनाई उपाध्यक्ष मोहम्मदी मिशन, सैयद नदीम अहमद महासचिव मुहम्मदी मिशन, एडवोकेट तारिक हाशमी संयुक्त सचिव मुहम्मदी मिशन, सैयद राशिद मेराज कानूनी सलाहकार मुहम्मदी मिशन ,एडवोकेट फै़जा़न फिरंगी महली मीडिया प्रभारी मुहम्मदी मिशन , हाफिज़ शकील निज़ामी खज़ाची मुहम्मदी निशान विशेष रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम का समापन मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली की विशेष दुआ और सलातो सलाम के साथ हुआ।





