पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सचिवालय स्थित ‘संवाद‘ में आयोजित 16वें वित्त आयोग की बैठक में शामिल हुआ। बिहार राज्य में 3 दिवसीय भ्रमण पर 16वें वित्त आयोग का आगमन हुआ है। 24 नवंबर, 2005 से जब हमलोग सरकार में आए तब से हमलोग राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों, पुल-पुलियों तथा एलिवेटेड रोड का निर्माण कराया गया है। साथ ही हर घर बिजली सुनिश्चित की गई है। स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण हेतु कई कार्य किए गए हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया, जिसे ‘जीविका’ नाम दिया। वर्ष 2005 में राज्य का बजट मात्र 30 हजार करोड़ रू० था जो इस वर्ष बढ़कर 3 लाख 17 हजार करोड़ रू० हो गया है। बिहार के विकास में वर्तमान केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। वर्ष 2024 में वर्तमान केंद्र सरकार के लगातार तीसरी बार गठन के बाद प्रस्तुत बजट में बिहार के लिए विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गई थी। पुनः इस वर्ष 2025 में केंद्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट में बिहार के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना, बिहार में नए हवाई अड्डों का विकास, पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता तथा पटना आई०आई०टी० के विस्तार की घोषणा की गई है। राज्य सरकार द्वारा अपनी जरूरतों के संबंध में एक मेमोरेण्डम भी तैयार किया गया है, जिसका प्रस्तुतीकरण आज आयोग के समक्ष किया जाएगा। मुझे विश्वास है कि आयोग के द्वारा इन सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16वें वित्त आयोग की बैठक को संबोधित किया




